आराध्य
भगवान परशुराम
भगवान विष्णु के छठे अवतार, ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र — जिन्होंने तप, शौर्य और धर्म का ऐसा आदर्श स्थापित किया जो युगों तक मार्ग दिखाता रहा।
कथा पढ़ेंयोद्धा ऋषि
तप और शौर्य का अद्वितीय संगम — अन्याय के विरुद्ध अटल।
गुरुओं के गुरु
भीष्म, द्रोण और कर्ण जैसे महारथियों के शस्त्र-गुरु।
चिरंजीवी
सात चिरंजीवियों में एक — आज भी मार्गदर्शक चेतना।
भूमि के सृजक
परशु से सागर पीछे हटाकर कोंकण-केरल भूमि का सृजन।
हमारा कार्य
हमारी पहल
56,781+
सदस्य
32
राज्य
435+
जिले
19
वर्षों का सेवा-काल
कुछ झलकियाँ
सभी देखेंहमारे संस्थापक
संस्थापक
जिनके संकल्प से परिषद् का आरंभ हुआ।
Bhagwan Parashuram Ji
Founder
हमारी टीम
हमारी टीम
वे पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य जो इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
पंडित रेनू पाठक
राष्ट्रीय अध्यक्ष
पंडित अवधेश उर्मलिया
राष्ट्रीय महासचिव
पंडित अम्बिका कौसिक
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
पंडित पवन जोशी
राष्ट्रीय सचिव
पंडित रमेश तिवारी
राष्ट्रीय सचिव
पंडित हरि शुक्ल
सदस्य केंद्रीय कार्यकारिणी
पंडित नरेश शर्मा
राष्ट्रीय संरक्षक
पंडित राजीव शर्मा (IAS)
राष्ट्रीय संरक्षक
पंडित रमेश पुरोहित
राष्ट्रीय सचिव
पंडित नैवेद्द शर्मा
राष्ट्रीय संयोजक व्यापार प्रकोष्ठ
पंडित आलोक उपाध्याय
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
पंडित लखन लाल शर्मा
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
समाज की आवाज़
हमारे सदस्यों के अनुभव
"ABBEP से जुड़ने के बाद पहली बार लगा कि समाज एक मंच पर है। बेटी की पढ़ाई के लिए मिली छात्रवृत्ति ने बड़ा सहारा दिया।"
"भगवान परशुराम की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का जो कार्य परिषद् कर रही है, वह अत्यंत सराहनीय है।"
"शिक्षा और रोज़गार के क्षेत्र में परिषद् की पहल ने हमारे क्षेत्र के कई युवाओं को नई दिशा दी है।"
सहयोगी
राष्ट्रीय सचिव अवधेश उरमलिया जी मीटिंग के दौरान
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद सरौली मंझगंवा सिहोरा जबलपुर संगोष्ठी