"ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय | धीमहि तन्नः परशुराम: प्रचोदयात् ||"

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आप नित्य मुक्त सत चित आनंद है।वाधक तत्व को हटाए/संतुलित कर पाए परमानन्द चिन्तन

आप नित्य मुक्त सत चित आनंद है।वाधक तत्व को हटाए/संतुलित कर पाए परमानन्द

30 Sep 2019 पंडित रविन्द्र द्विवेदी जालौन 440

<p>स्वाभाविक गति जो की अंश जनक निर्माता अदि की ओर होती है उसके लिए कोई प्रयास या साधन नही करने होते है केवल वाधक तत्वों को हटा दिया तो अंशी अंश से स्वतः मिल जाता है। जिस प्रकार पृथ्वी से उ

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